सर्वर क्या है ? सर्वर (Sarver) कितनी तरह के होते हैं? जानें

सर्वर (sarver) कितनी तरह के होते हैं? जानें – हम इंटरनेट के माध्यम से छोटी काम करते हैं, चाहे वह ट्रेन टिकट से लेकर पेपर रिजल्ट देखने तक हो इन सारे कामों को सर्वरर ही करता है। तो इस आर्टिकल में आप जाने में के सर्वर क्या है? और यह कितने प्रकार के होते हैं? इसलिए इस लेख को पूरा ध्यान लगाकर पढ़ें।

सर्वर क्या है ?

सर्वर एक ऐसा नेटवर्क हैं जो अपनी सर्विस बहुत सारे कंप्यूटरों में देता हैं। यह नेटवर्क में उपस्थित सक्षम एवम् बड़ा कम्प्यूटर होता हैं। यह हार्डवेयर एवम softwhere से मिलकर बना है । जो की नेटवर्किंग सिस्टम में बहुत इंपोर्टेंट होता है। नेटवर्क में 2 या 2 से अधिक कंप्यूटर मिले होते हैं, और यह अपने डांटा ,सिस्टम आदि को एक दूसरे से शेयर करते हैं । जो नेटवर्क कंप्यूटर में अपनी सेवाएं देता हैं, उसे ही सर्वर कहते हैं। अगर कोई कंप्यूटर network सर्विस लेता है तो उसे क्लाइंट कहते हैं।
सर्वर अपने बहुत सारी सर्विस देते हैं जो ये हैं –

● सर्वर अपने क्लाइंट को डाटा को सुरक्षित करने की परमिशन देता है,और उसे सिक्योर भी करता हैं।
● सर्वर अपने क्लाइंट को अनेक संसाधन यूज करने की अनुमति देते हैं। जैसे प्रिंटर मशीन का यूज कर सकता हैं।
● सर्वर अपने Network की एक्टिविटी पर ध्यान रखता है, और कुछ भी मिस्टेक होने ऑपरेटर को चेतावनी देता हैं।
● Server क्लाइंट को ईमेल एवम् मैसेज की सेवाएं भी उपलव्ध कराता है।

सर्वर के कितने प्रकार हैं?

सभी नेटवर्क में काम करने के लिए स्पेशल सर्वर लगाया जाता हैं। प्रत्येक सर्वर network में अपने वर्क के प्रति समर्पित रहते हैं। सरवर को निम्न प्रकार से बांटा गया हैं।

डी. एन. एस. सर्वर

इंटरनेट पर प्रत्येक वेबसाइट का अपना एक अद्वितीय ना होता है। उसी वेबसाइट का domen कहा जाता हैं। यह नेटवर्क वेबसाईट की आइडेंटी होता हैं। वैसे ये एक आईपी एड्रेस होता हैं। जब भी किसी वेबसाइट को ओपन करते हैं तो उसमें डोमेन नाम से रिक्वेस्ट डीएनएस सर्वर पर जाती है। डीएनएस इसे अपने डेटा की tebal से मेल कराता हैं। ओर डोमन को आईपी एड्रेस में चेंज कर देता हैं। जो वेबसाईट में पहचान के रुप में उपयोग होती हैं।

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proxi सर्वर

इस सर्वर का काम क्लाईंट एवम सर्वर के बिच में काम करना होता है। और यह क्लाइंट की सिक्योरिटी को सिक्योर करता हैं। यह सर्वर क्लाईंट से प्राप्त रिक्वेस्ट के आईपी एड्रेस को बदल कर एक कृत्रम आईपी एड्रेस एड कर देता हैं। जिसके कारण सर्वर क्लाईंट की पहचान नही कर पाता है। जिसके कारण क्लाईंट सुरक्षित रहता है।

प्रिन्ट सर्वरज

इस सर्वर को प्रिंटर मशीन के मैनेजमेंट के लिए उपयोग में लिया जाता हैं। बड़े-बड़े कंपनियों में या इंस्टिट्यूट में जहा अधिक कंप्यूटर होते हैं वहां पर सब कंप्यूटर के साथ में प्रिंटर नहीं होते हैं वहां सब को एक प्रिंटर से जोड़ देता है। और वही सॉरी प्रिंटर्स को भी एक ही सर्वर से जोड़ा जाता हैं । जब किसी कंप्यूटर से प्रिंट की रिक्वेस्ट आती हैं तो वह सीधी ही प्रिंट सर्वर में जाती हैं। उसके बाद प्रिंट इसे मशीन में भेज देता हैं। इस तरह से प्रिंट सर्वर प्रिंटर मशीन मैनेजमेंट में सहायक हैं।

डेटा सर्वरस

इस सर्वर के द्वारा क्लाइंट अपने डाटा को मैनेजमेंट करता हैं। तथा डेटा की सिक्योरिटी की जिम्मेदारी भी इसी सर्वर की होती हैं। प्रत्येक क्लाईंट को अपने डेटा सुरक्षित करने के लिए एक अलग से अकाउंट दीया जाता हैं। जिसके कारण क्लाइंट अपने डेटा का मैनेजमेंट करता है।

अतरिक्त सर्वर

इन सर्वर के अलावा ओर भी सर्वर्स होते हैं, जैसे वर्चुअल सर्वर, मेल सर्वर, डाटा सर्वर, आदि इनके भी अलग अलग उपयोग होते हैं।

आपने इस लेख में सर्वर क्या है ?और यह कितने प्रकार के होते हैं? इसके बारे में जाना। तथा साथ में आपने यह भी आना कि इसके क्या काम है। हम हमारी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं कि आपको स्पष्ट जानकारी मिली फिर भी अगर आपका कोई सवाल हो तो हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

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